सरकार का सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म की मनमानी पर नकेल
हाल ही में भारतीय सरकार ने नये सोशल मीडिया गाइडलाइन्स जारी किये है। ये नियम ऑनलाइन प्लेटफार्म की मनमानी को रोकने और जवाबदेही को सुनिश्चीत करने के लिए लाया गया है। इस नये नियमो के लेकर सरकार लम्बे समय से तैयारी कर रही थी और इसीलिए सरकार ने पूर्व सूचना प्रौद्योगिकी नियम २०११ के स्थान पे लाया गया है। जहा इस नये नियमो को लेकर विपक्षी दल सरकार की आलोचना कर रहे है वही सरकार का कहना है की इसे लाने के पीछे सुप्रीम कोर्ट पुराने २०१८ के केस के आदेश को आधार बनाया है और साथ ही राज्यसभा की एक समिति ने २०२० में ऑनलाइन प्लेटफार्म को चाइल्ड एब्यूज और चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में निर्माता की पहचान किये जाने की सिफारिश की थी। सरकार ने इस नये निमय को Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics कोड का नाम दिया है। इस नये नियम को इस दशक का सबसे बड़ा बदलाव कह सकते है। इस नये नियम के लागु होने के बाद बड़े बड़े सोशल मीडिया कंपनी जैसे की फेसबुक,ट्विटर ,इंस्टाग्राम को ये जरुरी हो जायेगा की २४ में घंटे वो कंटेंट को हटाए जाय जो कि...